OKX ने भारतीय Crypto बाजार से अपने कदम वापस खींचे, नियमों का अनुपालन में विफल

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CryptoCurrency: OKX ने भारतीय Crypto बाजार से अपने कदम वापस खींचे, नियमों का अनुपालन में विफल

केंद्र सरकार क्रिप्टो सेगमेंट पर अपना कड़ा नजरिया बनाए रखे है। हाल ही में, वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने बताया कि भारत में क्रिप्टोकरेंसियों को ‘मुद्रा’ के रूप में स्वीकार या पहचाना नहीं जाता है।

क्रिप्टोकरेंसी फर्मों पर नियामकीय कसावट

हाल के महीनों में, देश में क्रिप्टोकरेंसी से जुड़ी कंपनियों पर नियामकीय दबाव में वृद्धि देखी गई है। इन कंपनियों के लिए कुछ विशेष नियमों का सख्ती से पालन करना अनिवार्य बना दिया गया है। इस बढ़ते हुए नियामकीय दबाव के परिणामस्वरूप, क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज OKX ने देश के क्रिप्टो सेगमेंट से बाहर निकलने का निर्णय लिया है।

OKX का देश से बाहर निकलना

OKX, जिसका मुख्यालय सेशेल्स में स्थित है, ने अपने ग्राहकों को 30 अप्रैल तक अपने खातों को बंद करने की सिफारिश की है। पिछले वर्ष, OKX ने देश के क्रिप्टो बाजार में प्रवेश किया था। इसने अपने ग्राहकों को एक सूचना में बताया है कि “देश के नियमों के कारण, आपको अपने सभी मार्जिन पोजीशनों के साथ-साथ अन्य पोजीशनों को भी समाप्त करना होगा। आपके खाते में धनराशि तब तक सुरक्षित और उपलब्ध रहेगी जब तक आप इसे निकाल नहीं लेते।” पिछले वर्ष दिसंबर में, फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट (FIU) ने नौ विदेशी क्रिप्टो फर्मों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था, यह साबित करने के लिए कि वे देश के सभी नियमों का पालन कर रहे हैं। इनमें Binance, Kucoin, Huobi, Bitstamp, Kraken, Gate.io, Bittrex, MEXC, और Bitfinex शामिल थे।

सरकार का क्रिप्टो पर सख्त रुख

केंद्र सरकार का क्रिप्टोकरेंसी सेगमेंट के प्रति सख्त रवैया लगातार जारी है। हाल ही में, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने उल्लेख किया था कि देश में क्रिप्टोकरेंसीज को ‘मुद्रा’ के रूप में मान्यता प्रदान नहीं की जाती है। क्रिप्टो बाजार में देखी गई हालिया तेजी के संदर्भ में, जब सरकार के दृष्टिकोण में परिवर्तन की संभावना पर पूछा गया, तब सीतारमण ने कहा, “सरकार का हमेशा से यह विश्वास रहा है कि क्रिप्टोकरेंसीज से संबंधित बनाई गई संपत्तियां, ट्रेडिंग और अन्य कई गतिविधियों के लिए संपत्ति के रूप में उपयोग की जा सकती हैं। हमने इन्हें नियमित नहीं किया है। ये मुद्राएं नहीं हो सकतीं और यह केंद्र सरकार का स्थायी दृष्टिकोण है।” अमेरिका में बिटकॉइन स्पॉट ETF को सिक्योरिटीज रेगुलेटर से स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात, क्रिप्टो बाजार में महत्वपूर्ण उछाल आया है। इस महीने की शुरुआत में, बिटकॉइन की कीमत 73,700 डॉलर से अधिक हो गई, जो इसका अब तक का उच्चतम मूल्य है।

क्रिप्टोकरेंसीज की कीमतों में वृद्धि

इसके साथ ही, Ether और अन्य क्रिप्टोकरेंसीज की कीमतों में भी वृद्धि हुई है। पूंजी बाजार नियामक SEBI ने यह भी कहा है कि लेन-देन में आसानी के कारण, बड़ी संख्या में निवेशक क्रिप्टो सेगमेंट की ओर आकर्षित हो सकते हैं। क्रिप्टो सेगमेंट को कुछ बड़े देशों के नेताओं के साथ ही निवेशकों से भी समर्थन प्राप्त हो रहा है। हाल ही में, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्रिप्टोकरेंसी जैसी नवीनतम तकनीकियों का सामना करने के लिए वैश्विक सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया था। इससे यह संकेत मिलता है कि विश्व स्तर पर इन नवीनतम तकनीकों के प्रभाव और संभावित लाभों को लेकर एक बड़ी चर्चा और सहमति निर्माण की जरूरत है।

कुल मिलाकर, देश में क्रिप्टोकरेंसी फर्मों पर नियामकीय सख्ती में वृद्धि, क्रिप्टोकरेंसीज के उपयोग और व्यापार में बढ़ती हुई रुचि, और सरकारी नीतियों व वैश्विक सहयोग पर जोर देने के माध्यम से, क्रिप्टोकरेंसी के क्षेत्र में नवीन विकास और चुनौतियों की एक जटिल तस्वीर सामने आती है। यह विकास न केवल क्रिप्टोकरेंसी बाजारों को प्रभावित करता है, बल्कि वैश्विक वित्तीय सिस्टम और आर्थिक नीतियों पर भी गहरा प्रभाव डालता है।

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